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[ JAN SAHYOG CHARITY TRUST OF INDIA ]

Who We Are

JSCT OF INDIA क्या है?

JAN SAHYOG CHARITY TRUST (JSCT) आम जन के परस्पर सहयोग से हर जरूरतमंद लोगों की मदद करने वाली संस्था है। जो बिना किसी भेदभाव जाति-धर्म, वर्ग, अमीर-गरीब, छोटा-बड़ा आदि से ऊपर उठकर पूरी पारदर्शिता, व सच्ची निष्ठा से काम करने में विश्वास रखती है।

संस्था का मुख्य उद्देश्य निःस्वार्थ भाव से सर्व समाज की आर्थिक, सामाजिक व भावनात्मक मदद पहुँचाना है।

About Jan Sahyog Charity Trust

JSCT OF INDIA का सदस्य क्यों बनें

  • समाज सेवा, परस्पर सहयोग, सामाजिक सम्मान के लिए।
  • स्वयं व अपने परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए।
  • संस्था को अपना परिवार समझकर हर सुख व दुख में साथ खड़े रहने का सर्वोत्तम डिजिटल माध्यम है।

JSCT OF INDIA का सदस्य कौन बन सकता है

  • 18 वर्ष से 60 वर्ष का कोई भी व्यक्ति चाहे- सरकारी, गैरसरकारी कर्मचारी, किसान, व्यवसायी, मजदूर, छात्र/छात्राएं, गृहणी आदि।
  • सदस्यता ग्रहण करने के लिए संस्था के खाते में सीधे निर्धारित शुल्क 70₹ (केवल) प्रति वर्ष दान देकर सदस्यता ग्रहण कर सकता है।
  • सदस्यता ग्रहण करने के पश्चात इस जनकल्याणकारी योजना में अपना बहुमूल्य योगदान (जैसे- जन सेवा, जन सहयोग, जन सम्मान) देकर पुण्य प्राप्त कर सकता है।

संस्था के प्रमुख सिद्धान्त

संस्था निम्न सिद्धान्तों पर कार्य करती है

  • सेवा
  • सहयोग
  • शिक्षा
  • समानता एवं भाईचारा
  • पारदर्शिता
  • सम्मान
Our Programs

संस्था की प्रमुख योजनाएं

01

कन्या विवाह शगुन योजना

संस्था के नियमित सदस्य की कन्या के विवाह में परस्पर सहयोग से कन्यादान स्वरूप लगभग ₹51000–₹500000 तक की आर्थिक सहायता करना।

02

असामयिक निधन योजना

संस्था के वैधानिक सदस्य की असमय मृत्यु होने पर सीधे नॉमिनी के खाते में लगभग ₹200000–₹1000000 तक की आर्थिक सुरक्षा प्रदान कराना।

03

"हर घर शिक्षा" योजना

आर्थिक तंगी से पढ़ने से वंचित रहने वाले छात्र/छात्राओं की सहायता करना व मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित कर एक अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहन देना।

04

जन जागरूकता अभियान

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण सुरक्षा, सामाजिक समरसता, बन्धुत्व व देश प्रेम के प्रति लोगों को जागरूक करना।

Transparency

संस्था की पारदर्शिता क्या है

  • संस्था सदस्य से निर्धारित शुल्क (वार्षिक) के अलावा कोई फंड अपने पास जमा नहीं करती।
  • जो लाभार्थी होगा सीधे उसके बैंक खाते में सहयोग कराया जायेगा।
  • लाभार्थी का पूरा डाटा (विवरण) व सहयोग विवरण वेबसाइट पर प्रदर्शित होगा।

निवेदन

18 वर्ष से 60 वर्ष का कोई भी व्यक्ति संस्था का सदस्य बन सकता है। सदस्यता ग्रहण करने के लिए संस्था द्वारा निर्धारित नियम एवं शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित लॉकिंग पीरियड पूरा करना व इस दौरान शत-प्रतिशत सहयोग अनिवार्य है।

Terms & Conditions

नियम व शर्तें

  1. 18 वर्ष से 60 वर्ष का कोई भी सदस्य बन सकता है। 60 वर्ष पूर्ण होने पर सदस्यता स्वयं समाप्त हो जाएगी। निर्धारित वार्षिक सदस्यता शुल्क 70₹ संस्था के खाते में जमा करना व नवीनीकरण करना अनिवार्य है।
  2. किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित लॉकिंग पीरियड, 6 माह पूरा करना व इस दौरान शत-प्रतिशत सहयोग अनिवार्य है।
  3. सदस्यता ग्रहण करने के लिए आवश्यक दस्तावेज व सही जानकारी देना जरूरी है।
  4. कन्या दान शगुन योजना का लाभ लेने के लिए माता-पिता व पुत्री का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, यदि पुत्री 18 वर्ष की नहीं है तो 18 वर्ष पूर्ण होने पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
    • 4(A). सदस्य की अधिकतम 2 पुत्रियों की शादी में ही सहयोग कराया जाएगा।
    • 4(B). दूसरी पुत्री की शादी में कम से कम 6 माह का अंतर होना अनिवार्य होगा।
  5. असामयिक निधन योजना में ब्लॉकिंग पीरियड पूरा होना व शत-प्रतिशत सहयोग (सदस्यता) करना अनिवार्य है, सदस्य की आत्महत्या करने के मामले में सहयोग नहीं होगा।
  6. समस्त सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया माध्यमों जैसे- व्हाट्सअप, फेसबुक, यूट्यूब, टेलीग्राम आदि से जुड़ना अनिवार्य है।
  7. यदि जानकारी के अभाव में किसी भी सदस्य की वैधानिकता प्रभावित होती है तो सदस्य स्वयं उत्तरदायी होगा।
  8. संस्था द्वारा निर्धारित नियम व शर्तें सभी के लिए समान हैं।
  9. संस्था से जुड़े सभी सदस्य संस्थापक मंडल/कोर टीम/प्रदेश टीम/जिला टीम/ब्लॉक टीम/आम सदस्य निःस्वार्थ भाव से "सेवा परमो धर्म" की भावना से काम करेंगे।
  10. संस्था को दिए गये शुल्क से निम्न व्यवस्थाएं संचालित होंगी।
    • (i) संस्था के प्रचार-प्रसार में।
    • (ii) वेबसाइट, ऐप संचालन, तकनीकी टीम, नई तकनीक विकसित करने में खर्च होगा।
    • (iii) रक्तदान शिविर, जल सेवा, अन्न सेवा, कम्बल वितरण, कॉपी-किताबें वितरण, जागरूकता अभियान आदि चलाने में खर्च होगा।
    • (iv) मेधावी छात्र/छात्राओं को प्रोत्साहित करने में।